वो बचपन ही अच्छा था..                            जिसमे छोटी ख़ुशी भी बड़ी बात बन जाती थी,

बचपन की हसी भी किसी किसी के लिए दिन भर की थकान की दवा बन जाती थी.
सपने देखते थे सब बचपन मे लेकिन उन सपनो को खो देने का डर नहीं होता था,
सच्च मे वो बचपन ही अच्छा था|

स्कूल की मस्ती थी,हज़ारो बहाने भी हर वक़्त तैयार रहते थे|
बारिश का मौसम मतलब स्कूल की छुट्टी
सोने का मन मतलब पेट मे दर्द,
जैसे कही फिके बहाने भी चल जाते थे तब,
बड़ी बड़ी बाते बच्चा है कहकर ख़तम भी हो जाती थी,
सच्च ने बचपन ही अच्छा था |

कम से कम दोस्त बनने के लिए जाती नहीं देखनी पड़ती थी,और गलत भाव से तब दोस्ती हुआ भी नहीं करती थी ,सच्च मे वो बचपन ही अच्छा था
हर दिन अपनी मर्ज़ी से काम करना था हमे,
झगड़ा करके घर वालो से अपनी सारी मनमानियां पूरी करने का तरीका भी था हमारे पास

सच मे ..वो बचपन ही अच्छा था |

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Sumer Chhajer

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