ये कहानी है मेरे शहर की …
मेरे इंदौर की। इसकी उम्र भले ही जयादा हो पर ये अब भी जवान हैं। ये अब भी मेहनत करता हैं खुद को हमेशा की तरह रखने में ये मेहनत करता हैं सबसे आगे रहने के लिए।

मेरे शहर से मुझे बहुत कुछ सिखने को मिलता हैं। मेरा इंदौर होलकर साम्राज्य था। इसने कई युध्द देखे इसकी मिट्टी मैं कई योद्धाओं का खुन हैं। मेरा इंदौर नारी शक्ति की मिशाल हैं। मेरा इंदौर भक्ति की शक्ति की मिशाल हैं। मेरा इंदौर सिर्फ शहर नही ये एक जज्बात हैं।

मेरे इंदौर में स्वाद हैं। हम इंदौरियो का खाने से पुराना रिश्ता हैं यहाँ शाम 56 पर सजती हैं तो रात सराफा मैं गुजर्ती हैं। मेरा इंदौर स्वच्छता में नंबर 1 हैं यहाँ के लोग स्वच्छ हैं।

हम बदल रहे हमारा नया रुप सबके सामने आ रहा हैं पर इंदौर को लेकर हमारे जज्बात अब भी वही हैं हमे गर्व था गर्व हैं और हमेशा रहेगा ये कहने में की …
“हमतो हैं इंदौरी …”

Active artists is an admiring platform for all emerging writers to get themselves featured who have sense of care towards improving the society in more better way.
Follow us to get featured.

Nishchay Khire

Get in touch for the beautiful blogging content..

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.