वो गिता और कुरान कि तुम बातें किया करते हो,खुदा और भगवान में तुम फर्क किया करते हो। हिंदू और मुस्लिम होने पर तुम गर्व किया करते हो, लेकिन इंसान है सब, यह भूल कर तुम आपस में ही लड़ा करते हो। क्या नहीं दिखता तुम्हें कि खून का रंग सबका एक है, क्या नहीं दिखता कि भगवान और खुदा नाम अलग, पर सबका मालिक एक है। आपस में लड़ कर हम सब, खुद के साथियों को ही खो रहे हैं। प्यार फैलाने कि जगह हम नफरत को बढ़ावा आखिर क्यों दे रहे हैं? बात तो समझो ऐ साहब! धर्म मज़हब को रख कर परे, हमें प्यार फैलाने की जरूरत है, एक दूसरे से मोहब्बत करने कि जरूरत है।।

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Komal Agrawal

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