बुलंद रख तू अपने इरादों को,
भूलना मत खुद से किये वादों को।
उम्मीदों का आंचल पकड़ कर,
ला पटक ज़मीन पर तारों को।

आसमां से भी ऊंचा हौसला रख,
खुद पर थोड़ा सा भरोसा कर।
मंज़िल तू अपनी पायेगा,
बस थोड़ा सा सब्र कर।

कुछ तू इत्मीनान रख,
चिंताओं को छोड़ कर।
खुद को साबित कर दे तू,
कठिनाइयो का मुंह तोड़ कर।

मत रख किसी से आस तू,
बस खुद पर तू विश्वास रख।
है काबिलियत तुझमें भी,
बना सकता है तू भी घर कांच पर।

Komal Bihani

Get in touch for beautiful blogs and content

4 Thoughts to “बुलंद रख तू अपने इरादों को..”

  1. Ashok Kumar Choudhary

    Fabulous

  2. nupurthakur7

    Ati-uttam

  3. Sunayana Jain

    Good motivational poem

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.