Hindi Poems on active-artists.com

कुछ गलतफहमियां, कुछ नादानियां,
अनकही कुछ मनगढ़ंत कहानियां,
कुछ बेपरवाइयां ,कुछ लापरवाहीयां ,
कुछ उलझी हुई रुसवाईयां।

इन सब को हम ने ही तो जगह दी।
दिल दुखाने की एक नई वजह ली।

गलती ना तुम्हारी थी ना हमारी,
बस कुछ हालात थे और कुछ हकीकत।
प्रॉब्लमस हमारी, इश्यूज हमारे,
ना जाने क्यों मानी किसी और की नसीहत।

वक़्त की ये एक साजिश थी,
पर जिंदगी इन सब पलो से वाकिफ थी।
जरूरत थी तो बस कुछ इत्मीनान की, कुछ भरोसे की,
रिश्तों को सुलझाने की कशिश की, एक छोटी सी कोशिश की।

चलो, भूलो बीती कड़वी बातों को,
उन काली अंधेरी रातों को।
एक कदम मैंनेे बढ़ाया है,
कुछ हाथ तुम बढ़ा दो।
एक छोटी सी पहल से कल जो गांठ पड़ी थी आज खुल जाएगी,
ज़रा सी कोशिशों से दिलों की रंजिशें धुल जाएगी ।

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Komal Bihani

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