Story of A.P.J. Abdul Kalam part : 2

The very next day, father of Ramnath called me at his house. I was worried and making speculations about why he would have called me so suddenly. I was numbed to see that strict teacher at my friend’s house. He was apologizing me for his act. My intuitions were not believing the situation. World war…

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Story of A.P.J. Abdul Kalam part :1

Disclaimer: (In the narrated blog , ‘I’ doesn’t specify the Author, whereas Author has described ‘I’ as identification of Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam.) It was the time of my childhood when I used to go to the temple on a daily basis. I would be stunned everytime seeing people staring at me differently. Perhaps…

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मन से बड़ा बहरूपिया ना कोई..

मन से बड़ा बहरूपिया ना कोई पल-पल रचता स्वांग निराले माया ममता में उलझा रहे वह पड़ जाए जो मन के पाले.. मन के बहकावे में ना आ मन राह भूलआए भ्रम में डालें तो इस मन का दास ना बन इस मन को अपना दास बना ले | ( स्त्रोत: नेशनल टेलीविजन की महाभारत…

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हवा महल का वह सफर..

मैं फोन रखती हूं ,हम बस में बैठ चुके हैं जयपुर के लिए , अपना ख्याल रखना बेटा | इतना कहकर मां ने फोन रख दिया रक्षाबंधन के बाद मां से और बहन से मिलने का मौका मिल रहा था , बस उनसे मिलने की खुशी और बेचैनी में दिल गदगद सा था | आखिर…

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आत्मसम्मान..

सम्मान बहुत खास चीज होती है, यह आपके व्यक्तित्व के सागर को और गहरा करती है| आपको अपमान की ऊंचाइयों से कहीं दूर रखती ह आपकी जबान से निकले कुछ शब्द ही आपकी पहचान बनते हैं| बेशक आप का वातावरण ही आपके भाषा का आभूषण है| इसमें कुछ लोग कहेंगे कि मेरे साथ रहने वाले…

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