A LETTER FROM BABY TO HIS PAPA

Dear papa,  Yes!! I know this is surprising for you that I am talking to you right now. Since you haven’t imagined that we both will talk on this auspicious day but I was waiting to tell you something. I want to give you a surprise  by talking to you.  Papa? No! I will not…

Read More

बचपन और बुढ़ापा

बचपन और बुढ़ापा उन तकिए और कम्बल में से बुढ़ापे की महक आ रही थी।और वह बूढ़ी दादी मानो हर रोज अपने बुढ़ापे को कोसा करती थी और भगवान से पूछा करती थी कि ‘यह बुढ़ापा उन पर कहर कि तरह क्यों बरसा है?’ उनकी पोती उनके पास आई,उनका सर दबाया,अपने कोमल हाथों से उनकी…

Read More

सुना है शाम आई है..

सुना है शाम आई है सुना है शाम आई है शमा की याद लाई है हां मैं लौट आऊंगी कसम उसने उठाई है कहा बरसात लाएगी मेरे संग भीग जाएगी न तो स्वयं ही आई न बरसात आई है परिंदे लौट आये है बढ़ रहे शाम के साये द्वार भी खोल आये हम काश इस…

Read More