छू लेने दो नाज़ुक होंठो को ..

छू लेने दो नाज़ुक होंठो को एक पुराना क़िस्सा, बहुत पुराना क़िस्सा जो भी कभी कभी मेरे ज़हन में आ जाता है में उसे याद करता हूँ तो उस क़िस्से के बारे मुझे जो कुछ भी याद मेरे सामने उसकी तस्वीरें बन जाती है.. तो बात है बहुत पुरानी जब मैं यही कही 7-8 साल…

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आत्मसम्मान..

सम्मान बहुत खास चीज होती है, यह आपके व्यक्तित्व के सागर को और गहरा करती है| आपको अपमान की ऊंचाइयों से कहीं दूर रखती ह आपकी जबान से निकले कुछ शब्द ही आपकी पहचान बनते हैं| बेशक आप का वातावरण ही आपके भाषा का आभूषण है| इसमें कुछ लोग कहेंगे कि मेरे साथ रहने वाले…

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कमाना बहोत मुश्किल है निभाना उससे भी मुश्किल..

ज़िंदगी में आप बहुत से लोगों से मिलते है, अपनी ज़िंदगी में कई लोग आते जाते रहते है, और जो लोग रूकते उनसे हमारी उम्मीदें जुड़ जाती है। उनके साथ हम इस तरह घुल मिल जाते है कि मानो वो ही हमारी ज़िंदगी का एक हिस्सा हो । फिर वक़्त का पहिया घूमता और धीरे…

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यादों का जाला..

कई दिनों से अनछूए मेरे दिल के किसी कोने में यादों का जाला सा लगा है। उसे हटाने के कई प्रयास किए मैंने, लेकिन कुछ ज़िद्दी सा मालूम पड़ता हैं|साफ़ हो ही नहीं रहा है। पहली दफे उसकी बर्थडे पार्टी में हम मिले। साँवला सा दमकता हुआ चेहरा, लाल रंग का वन पीस और कुछ…

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रेत सी फिसलती जिंदगी..

रेत सी है यह ज़िन्दगी भी… दिन बीतते चले जाते है, हम महीनो पर पहुँच रहे होते है की साल बदल जाता है। बार बार मुट्ठी बंद करते है कि कुछ रह जाए हमारे पास पर सब रेत सा धीरे धीरे रिसता चला जाता है। कुछ तो रह जाए, हम हाथ खोलते है और हाथो में…

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