बुलंद रख तू अपने इरादों को..

बुलंद रख तू अपने इरादों को, भूलना मत खुद से किये वादों को। उम्मीदों का आंचल पकड़ कर, ला पटक ज़मीन पर तारों को। आसमां से भी ऊंचा हौसला रख, खुद पर थोड़ा सा भरोसा कर। मंज़िल तू अपनी पायेगा, बस थोड़ा सा सब्र कर। कुछ तू इत्मीनान रख, चिंताओं को छोड़ कर। खुद को…

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शाकाहारी बनो…!

गर्व से कह सकती हूँ मैं भीमैं एक शाकाहारी हूँ। नहीं काट खाती उन जिव को,नहीं मारती बेबस प्राणी को। ‘मैं इंसान हूँ, तू जानवर,तुझको मरना ही पडे़गा। मेरी भूख मिटाने के लिए,तुझको कटना ही पडे़गा।’ यही आज कि दुनिया है।भूल गए हैं यह लोग, कि जान उस में भी उतनी है,जितनी एक इंसान में।…

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ये कहानी है  मेरे शहर की …

ये कहानी है मेरे शहर की … मेरे इंदौर की। इसकी उम्र भले ही जयादा हो पर ये अब भी जवान हैं। ये अब भी मेहनत करता हैं खुद को हमेशा की तरह रखने में ये मेहनत करता हैं सबसे आगे रहने के लिए। मेरे शहर से मुझे बहुत कुछ सिखने को मिलता हैं। मेरा…

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इस गुस्से ने मुझे तबाह कर दिया..

छोटी बात थी बस बड़ी बन गई,
ज्यादा नहीं पर गलती हो गलती हो गई,
कोशिस की थी मेने रोकने की,
सोचा था मेने की अपने गुस्से को क़ाबू कर लूंगा,
लेकिन आज फिर न कर सका इसे , गुस्से ने मुझसे सब छीन लिया |

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वो बचपन ही अच्छा था..

वो बचपन ही अच्छा था..
जिसमे छोटी ख़ुशी भी बड़ी बात बन जाती थी,
बचपन की हसी भी किसी किसी के लिए दिन भर की थकान की दवा बन जाती थी.
सपने देखते थे सब बचपन मे लेकिन उन सपनो को खो देने का डर नहीं होता था,
सच्च मे वो बचपन ही अच्छा था|

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