नारी ,नारी क्यों नहीं रहना चाहती..

आजकल एक बड़ी विडंबना सामने आ रही है नई पीढ़ी की युवा लड़कियों की सोच पर। हर लड़की अपने आप को साबित करे वो ठीक, पर प्रतियोगिता करे की वो पुरुष जैसी है वो कहा तक सही। हां,शायद बात अटपटी जरूर लग रही है पर हां खुद की पहचान खोकर आज की लडकिया पुरुष जैसे…

Read More

बुलंद रख तू अपने इरादों को..

बुलंद रख तू अपने इरादों को, भूलना मत खुद से किये वादों को। उम्मीदों का आंचल पकड़ कर, ला पटक ज़मीन पर तारों को। आसमां से भी ऊंचा हौसला रख, खुद पर थोड़ा सा भरोसा कर। मंज़िल तू अपनी पायेगा, बस थोड़ा सा सब्र कर। कुछ तू इत्मीनान रख, चिंताओं को छोड़ कर। खुद को…

Read More

छू लेने दो नाज़ुक होंठो को ..

छू लेने दो नाज़ुक होंठो को एक पुराना क़िस्सा, बहुत पुराना क़िस्सा जो भी कभी कभी मेरे ज़हन में आ जाता है में उसे याद करता हूँ तो उस क़िस्से के बारे मुझे जो कुछ भी याद मेरे सामने उसकी तस्वीरें बन जाती है.. तो बात है बहुत पुरानी जब मैं यही कही 7-8 साल…

Read More

यादों का जाला..

कई दिनों से अनछूए मेरे दिल के किसी कोने में यादों का जाला सा लगा है। उसे हटाने के कई प्रयास किए मैंने, लेकिन कुछ ज़िद्दी सा मालूम पड़ता हैं|साफ़ हो ही नहीं रहा है। पहली दफे उसकी बर्थडे पार्टी में हम मिले। साँवला सा दमकता हुआ चेहरा, लाल रंग का वन पीस और कुछ…

Read More