आत्मनिर्भर नारी…

नारी शक्ति को मानव सभ्यता के उद्गम से ही ऊंचा दर्जा दिया जाता है| उन्हें देवियों के रूप में पूज्य मानते हैं| हमेशा से ही नारी पूर्णतया अपने परिवार व समाज को समर्पित जीवन व्यतीत करती आई है हमेशा परिवार व समाज को महत्व देती है शायद इसलिए ही कोमल मानी जाती है|

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इस गुस्से ने मुझे तबाह कर दिया..

छोटी बात थी बस बड़ी बन गई,
ज्यादा नहीं पर गलती हो गलती हो गई,
कोशिस की थी मेने रोकने की,
सोचा था मेने की अपने गुस्से को क़ाबू कर लूंगा,
लेकिन आज फिर न कर सका इसे , गुस्से ने मुझसे सब छीन लिया |

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Know: How To Abolish Child Abuse..

Child abuse, the word itself is enough to give chills to your spine, right? We can’t even imagine putting these two words together, then why such horrendous activities are still prevailing in our, as well as in other countries? A country’s future lies in its upcoming generation. but if, our children aren’t safe and secure…

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अपने सपने, सपने बच्चों के..

हाल ही कुछ फिल्में बनी जो बच्चों के सपनो के आधार पृष्ठ पर थी। जिनमे एक ओर बच्चों को सपने देखने और पूरे करने की आज़ादी देना चाहिये पर ज़ोर दिया गया वही एक ओर माता पिता के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी बच्चों की। शायद ये सवाल हर बच्चे और माता पिता के…

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“And, Love Exists: Part 2”

Love itself is a word that comes with many definitions as an individual. but sometimes it happens to be important to know the actual meaning of this particular word. For understanding this word, we have to be able to examine our relations, our surroundings and our nature etc. Love does not illustrate the exposure of…

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