बचपन और बुढ़ापा

बचपन और बुढ़ापा उन तकिए और कम्बल में से बुढ़ापे की महक आ रही थी।और वह बूढ़ी दादी मानो हर रोज अपने बुढ़ापे को कोसा करती थी और भगवान से पूछा करती थी कि ‘यह बुढ़ापा उन पर कहर कि तरह क्यों बरसा है?’ उनकी पोती उनके पास आई,उनका सर दबाया,अपने कोमल हाथों से उनकी…

Read More
बचपन की बर्थडे पार्टी

यादों के गिफ्ट्स..

बचपन के एक दोस्त की बर्थडे पार्टी की तस्वीर|सुबह से ही बेकरारी होती थी की आज शाम को पार्टी जाना है….मैं भी एकदम अप टू डेट तैयार होकर पहुँचता इतना तैयार की उपर वाली बटन भी लगाता था मतलब एकदम अप टू डेट । हमारे गाँव मे केक तो मिलता नही था तो बर्थडे बॉय…

Read More