A LETTER FROM BABY TO HIS PAPA

Dear papa,  Yes!! I know this is surprising for you that I am talking to you right now. Since you haven’t imagined that we both will talk on this auspicious day but I was waiting to tell you something. I want to give you a surprise  by talking to you.  Papa? No! I will not…

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‘बेटी’ समझौता या अभिमान

सही कहते हैं लोग वंश का दीपक तो बेटा होता हे, बेटी का होना तो सिर्फ एक समझौता होता हे, बेटा तो मनचाहा अक्षर पड़ जाता हे, और बेटी की पड़ाई से बोझ बढ़ जाता है, फिर भी भैया कि डिग्री देख बड़ा चहकती हैं, पड़ाई के मोह से समझौता कर दुख ना किसी को…

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