शाकाहारी बनो…!

गर्व से कह सकती हूँ मैं भीमैं एक शाकाहारी हूँ। नहीं काट खाती उन जिव को,नहीं मारती बेबस प्राणी को। ‘मैं इंसान हूँ, तू जानवर,तुझको मरना ही पडे़गा। मेरी भूख मिटाने के लिए,तुझको कटना ही पडे़गा।’ यही आज कि दुनिया है।भूल गए हैं यह लोग, कि जान उस में भी उतनी है,जितनी एक इंसान में।…

Read More

God’s Gift: Nature..

Yes! Nature is one of the biggest and most beautiful gift given to us by the almighty. When god created this nature he felt an urge to protect his beautiful creation, so he started created us, the humans whom he thought as the savior of his most valuable possession. After creating humans, he blessed us…

Read More

कैसे करें प्राथमिकताओं का चयन..

कैसे करें प्राथमिकताओं का चयन..? इसके लिए आपको यह जानना आवश्यक होगा कि आपकी दैनिक दिनचर्या क्या है. आपके लक्ष्य क्या है? हर इंसान की प्राथमिकता उनके लक्ष्य पर निर्भर करती हैं। कोई अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताने मे अपनी रूचि दिखाता है तो कोई अपने निर्धारित काम को इमानदारी के साथ करने मे…

Read More

अन्न- सम्मान और अपमान..

वो कहते हेना कि जहाँ दाँत हैं वहाँ चने नही और जहाँ चने हैं वहाँ दाँत नही | ऐसा ही कुछ मैंने देखा जब मैं पलासिया से गीता भवन कि ओर जा रहा था | मैंने देखा कि सामने से एक भीखारी आ रहा हैं जिसकी हालत बद से बत्तर थी | पास ही में…

Read More