सफर- ए – ज़िन्दगी

सफर- ए – ज़िन्दगी क्यों गुमान है तुझे अपने होने पर, क्यों नाज़ है तुझे अपनी शौहरत पर, सांसे बाज़ार में ना बिका करती है। ज़िन्दगी हर पल धोखा देती हैं, अहमियत तो कर्मो से दिखाई पड़ती है। तू हर पल को जीने की ख्वाहिश रख, मानो खुशियों का मेला है जिंदगी, तू छोटी छोटी…

Read More

कमाना बहोत मुश्किल है निभाना उससे भी मुश्किल..

ज़िंदगी में आप बहुत से लोगों से मिलते है, अपनी ज़िंदगी में कई लोग आते जाते रहते है, और जो लोग रूकते उनसे हमारी उम्मीदें जुड़ जाती है। उनके साथ हम इस तरह घुल मिल जाते है कि मानो वो ही हमारी ज़िंदगी का एक हिस्सा हो । फिर वक़्त का पहिया घूमता और धीरे…

Read More

रेत सी फिसलती जिंदगी..

रेत सी है यह ज़िन्दगी भी… दिन बीतते चले जाते है, हम महीनो पर पहुँच रहे होते है की साल बदल जाता है। बार बार मुट्ठी बंद करते है कि कुछ रह जाए हमारे पास पर सब रेत सा धीरे धीरे रिसता चला जाता है। कुछ तो रह जाए, हम हाथ खोलते है और हाथो में…

Read More

Lifestyles: Rich & Poor (part 2)

Lifestyle Lifestyle – All the people are made the same. All have been gifted with their special kind of abilities and, of course with the will power to become rich. But we see that only a few percentage of people are rich Or else in other words as we call them, the rich class. If…

Read More

“And, Love Exists: Part 2”

Love itself is a word that comes with many definitions as an individual. but sometimes it happens to be important to know the actual meaning of this particular word. For understanding this word, we have to be able to examine our relations, our surroundings and our nature etc. Love does not illustrate the exposure of…

Read More