हाल-ए-हिन्दुस्तान..

आज कल तो अखबार पढने का भी मन नही करता ऐसा नही कि मेरे पास वक्त नही है या मैं आलसी हो गया हुँ| कारण यह हैं कि मुझे पता हैं कि अखबार खोलते ही पहले पन्ने पर ही खबऱ होगी कि किसी अपने ने ही 2 साल की लडकी का बलात्कार किया| आए दिन…

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बद्लाव होगा मगर कब???

मस्त मस्त चल रही थी पवन, आस-पास हरियाली थी नीला नीला था गगन, अपनी रफ्तार में मगन थे वह घोटक, क्या पता था उन्हें घुमाना होगा ऐसा घातक, एक नन्ही सी थी वो जान, मन में बहुत थे उसके भी अरमान, उसे मालूम भी नहीं होता होता क्या है सम्मान, पर यह समझ रही थी…

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