अन्न- सम्मान और अपमान..

वो कहते हेना कि जहाँ दाँत हैं वहाँ चने नही और जहाँ चने हैं वहाँ दाँत नही | ऐसा ही कुछ मैंने देखा जब मैं पलासिया से गीता भवन कि ओर जा रहा था | मैंने देखा कि सामने से एक भीखारी आ रहा हैं जिसकी हालत बद से बत्तर थी | पास ही में…

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