जिम्मेदार बच्चों के बदलते व्यवहार..

आज हर माता पिता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा प्रणलि वाले स्कूलो मे भेज रहे है।बात सही है कि आज के प्रतियोगी दौर में भेजना भी चाहिये मगर सिर्फ प्रतियोगिताये ही जीवन का मकसद है क्या? मोटी सेलेरी ,अन्धाधुन्ध भीड़ मे थकी मंदी जिंदगी जीना,समय की कनजुसियत और पैसो की अय्याशी यही ज़िन्दगी हम देना…

Read More