A LETTER FROM BABY TO HIS PAPA

Dear papa,  Yes!! I know this is surprising for you that I am talking to you right now. Since you haven’t imagined that we both will talk on this auspicious day but I was waiting to tell you something. I want to give you a surprise  by talking to you.  Papa? No! I will not…

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वो दोस्त..

वो दोस्त,अजब अंदाज अजब सादगी से वो नेकी भी बड़ी खामोशी से करता है मैं उसका दोस्त हु अच्छा ,यही नही काफी उम्मीद ओर भी कुछ दोस्ती से करता है|| जवाब देने को ‘जी’ चाहता नही उसको वो मजाक भी बड़ी अजिज़ी से करता है|| नई नही है ये उसकी आदत पुरानी है शिकायते हो…

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ढुंढता हूं •••••••

आज मन तन्हा है, ढूंढ रहा न जाने किसको भीड़ भरी दुनिया में ,साथ पाया न किसी का उम्र भर का साथ ,बस खोखला ही रह गया तन भर का साथ मन तो अकेला रह गया आज शाखा बड़ी हुई तो पेड़ पीछे छूट गया फूल कोई ले गया, पेड़ अकेला रह गया चाह कर…

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काश! मैं जो ‘थी’ वही आज भी होती।

मेरी तन्हाईयो से अकसर ये बात है होती काश किसी पल में अपने साथ में होती घिरी रहती हूँ ढेरो उलझनो में और सवालो में काश! मैं जो ‘थी’ वही आज भी होती। नहीं किसी से गिला और शिकवा साथ में होता न किसीको मुझसे कोई शिकायते होती “पलछिन” सा मन ये उडता रहता बादलों…

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Relationship: A Father and A Daughter

Relationship between a father and a daughter is a paradigm of true bond. A daughter always strives to retain the esteem of her beloved father A daughter is meant to build a sustainable worth in family. A daughter inhabits in paradise surrounded by true affection She becomes a family’s grandeur and abide parent’s values. She…

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