वो मां ही है…

वो मां ही है वो है तो ज़िन्दगी में खुशियां ही खुशियां है, वो है तो हर जगह उम्मीदों की नई बगिया है। कभी कभी सोचता है ये मन, क्या रहा होगा उसका बचपन? उसकी खववहिशे? उसका मन ? वो भी कभी मासूम हुआ करती होगी , काम को देख कर वो भी जी चुराया…

Read More

रेत सी फिसलती जिंदगी..

रेत सी है यह ज़िन्दगी भी… दिन बीतते चले जाते है, हम महीनो पर पहुँच रहे होते है की साल बदल जाता है। बार बार मुट्ठी बंद करते है कि कुछ रह जाए हमारे पास पर सब रेत सा धीरे धीरे रिसता चला जाता है। कुछ तो रह जाए, हम हाथ खोलते है और हाथो में…

Read More

कैसे करें प्राथमिकताओं का चयन..

कैसे करें प्राथमिकताओं का चयन..? इसके लिए आपको यह जानना आवश्यक होगा कि आपकी दैनिक दिनचर्या क्या है. आपके लक्ष्य क्या है? हर इंसान की प्राथमिकता उनके लक्ष्य पर निर्भर करती हैं। कोई अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताने मे अपनी रूचि दिखाता है तो कोई अपने निर्धारित काम को इमानदारी के साथ करने मे…

Read More